Breaking News
Home / top / कश्मीर समाधान के लिए मोदी सरकार का प्लान, ये हैं बड़े संकेत

कश्मीर समाधान के लिए मोदी सरकार का प्लान, ये हैं बड़े संकेत

नई दिल्ली। देश के बंटवारे के बाद से ही कश्मीर भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में खटास और विवाद का मुख्य मुद्दा रहा है। देश से लेकर राज्य में सत्ता परिवर्तन हुए, लेकिन हालात आज भी काबू में नहीं हैं। 2014 में जब केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी तो कश्मीर नीति में सख्ती के संकेत मिले। हालांकि पिछले कुछ वक्त में कश्मीर के हालात काफी तनावपूर्ण हैं। पत्थरबाजी की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है, जो सुरक्षा बलों के लिए सबसे मुश्किल हालात बनाए हुए हैं। ऐसे में मोदी सरकार की कश्मीर नीति को लेकर विपक्ष सवाल उठाने लगा है। अब मोदी सरकार और सेना की तरफ से कश्मीर को लेकर सख्त रणनीति अपनाए जाने के संकेत मिलने लगे हैं।
इन संकेत में मुख्य हैं-
– गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर समस्या को हल ढूंढ निकाल लेने का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि कश्मीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए उनका प्लान तैयार है।
– आर्मी चीफ बिपिन रावत ने पहली बार सीधे तौर पर कश्मीर में पत्थरबाजी करने वालों पर अटैक किया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में पत्थरबाजों को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि वे पत्थर की जगह हथियार चलाएं, ताकि मैं जो करना चाहूं वो कर सकूं। साथ ही उन्होंने कहा कि जब पत्थर और बम फेंके जाएंगे तो मैं अपने जवानों से केवल इंतजार करने और मरने के लिए नहीं कह सकता। आर्मी चीफ ने पत्थरबाजों से निपटने के लिए मानव ढाल बनाने के कदम को भी सही ठहराया।
– कश्मीर में पत्थरबाजों से निपटने के लिए एक युवक को जीप से बांधकर ढाल की तरह इस्तेमाल करने वाले मेजर लितुल गोगोई का सेना ने सम्मान कर कश्मीर के पत्थरबाजों को कड़ा संदेश दे दिया। सेना ने अपने इस कदम से न सिर्फ पत्थरबाजों के इरादों को पस्त करने की दिशा में एक कदम उठाया बल्कि जवानों का भी हौसला बढ़ा दिया।
– इसी तरह कश्मीर निवासी लेफ्टिनेंट उमर फयाज की शहादत के बाद घाटी के नौजवानों को सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की गई। सेना ने घाटी में एक स्कूल का नाम बदलकर शहीद लेफ्टिनेंट उमर फयाज के नाम पर रख दिया, साथ ही उनके परिवार को मुआवजे के तौर पर 75 लाख रुपये का चेक दिया गया।
– जून, 2016 में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में हिजबुल मुजाहिदीन के पोस्टर ब्वॉय और टॉप कमांडर बुरहान वानी को ढेर कर दिया, जिसके बाद घाटी में तनाव की स्थिति पैदा हो गई और पत्थरबाजी की घटनाएं बढ़ गईं। इसके बाद हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर बने सबजार बट को भी सुरक्षा बलों ने 27 मई को त्राल में ढेर कर दिया। सबजार बुरहान वानी के बचपन का दोस्त था और उसे बुरहान के उत्तराधिकारी के रूप में पेश किया गया था।
– मोदी सरकार ने पाकिस्तान के साथ ‘आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते’ की नीति को अपनाया। इस बिना पर कश्मीर मसले पर भारत पाकिस्तान से बातचीत के न्यौते भी ठुकरा चुका है।
– सीमापार से नापाक हरकतों का भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब भारतीय सेना ने एलओसी के पास पाकिस्तानी बंकरों को ध्वस्त कर दिया। इन बंकरों के जरिए पाकिस्तानी आर्मी आतंकवादियों को कवर देती है। भारत ने इस अटैक का वीडियो भी जारी किया, जो पाकिस्तान के साथ सख्ती बरते जाने के स्पष्ट संकेत है।

केंद्र सरकार ने अप्रैल, 2017 में सुप्रीम कोर्ट में कहा कि कश्मीर में हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए वह अलगाववादियों के साथ कोई बातचीत नहीं करेगी। केंद्र सरकार ने कहा कि वह मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से बातचीत करने के लिए तैयार है। वहीं गृहमंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि कश्मीर समस्या पर किसी के साथ किसी शर्त के साथ बातचीत नहीं की जाएगी।
– पाकिस्तान और अलगाववादी नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ ही मोदी सरकार कश्मीर में रोजगार को बढ़ावा देकर वहां के हालात पर काबू करने की योजना पर काम करती दिख रही है। हाल ही में पीएम मोदी ने जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर देश की सबसे लंबी टनल का उद्घाटन किया। इसके अलावा चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल बनाया जा रहा है। इसकी ऊंचाई एफिल टावर से करीब 35 मीटर अधिक होगी। साल 2019 तक इसके तैयार हो जाने की उम्मीद है। इस टनल और पुल की मदद से सैलानियों का कश्मीर जाना बेहद आसान हो जाएगा।

– कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाओं में खास तौर पर नौजवान संलिप्त हैं। हाल ही में वहां के स्कूली छात्र और छात्राएं भी पत्थरबाजी करते हुए नजर आए। ऐसे में सरकार उन्हें रोजगार देकर मुख्यधारा से जोडऩे की कोशिश कर रही है। इसका नतीजा भी कश्मीर में देखने को मिला। हाल ही में वहां हुई सुरक्षाकर्मियों की भर्ती में बड़ी संख्या में नौजवानों ने हिस्सा लिया।

About admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *