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नवग्रहों के प्रकोप से आपको हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियाँ

प्रत्येक ग्रह का हमारी धरती और हमारे शरीर सहित मन- मस्तिष्क पर प्रभाव पड़ता है, जिसके चलते हमें सामान्य या गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ता है। परन्तु सतर्क रहकर हम कई सारी बीमारियों से बच सकते हैं। आइये जानते हैं किस ग्रह के ख़राब होने हमें कौन सा रोग सकता है और इसके निवारण के लिए क्या उपाय करने चाहिए –

सूर्य ग्रह – दिमाग समेत शरीर का दायां भाग सूर्य से प्रभावित होता है। सूर्य के अशुभ होने पर शरीर में अकड़न आ जाती है,  मुंह में थूक बना रहता है,  मुंह और दांतों में तकलीफ होती है,  सिरदर्द बना रहता है।

सूर्य ग्रह की पीड़ा के निवारण के लिए…..

इलाइची, केसर एवं गुलहठी, लाल रंग के फूल मिश्रित जल द्वारा स्‍नान करने से सूर्य के दुष्‍प्रभाव कम होता है |

चंद्रमा ग्रह- चन्द्रमा मुख्य रूप से दिल, बायां भाग से संबंध रखता है, ख़राब चंद्रमा से  मिर्गी का रोग, पागलपन,  बेहोशी,  फेफड़े संबंधी रोग, महिलाओं को मासिक धर्म की गड़बड़ी, याददाश्त कमजोर होना, मानसिक तनाव और घबराहट, तरह-तरह की शंका और अनिश्चित भय, सर्दी-जुकाम बना रहना, मन में बार-बार आत्महत्या का विचार आना

चंद्र ग्रह की पीड़ा के निवारण के लिए-

सफेद चंदन, सफेद फूल, सीप, शंख और गुलाब जल मिश्रित पानी से नहाने से आपकी राशि पर चंद्र के दुष्‍प्रभाव कम होते हैं |

 

मंगल ग्रह- आँख के रोग, हाई ब्लड प्रेशर,  वात रोग, गठिया,  फोड़े-फुंसी होना, चोट लगना,  बार-बार बुखार, शरीर में कंपन, शारीरिक ताकत कम होना, रक्त संबंधी बीमारी, बच्चे पैदा करने में तकलीफ।

मंगल ग्रह की पीड़ा के निवारण के लिए-

लाल चंदन, लाल फूल, बेल वृक्ष की छाल, जटामांसी, हींग मिश्रित जल से नहाने से मंगल ग्रह के दुष्‍परिणों को भी कम किया जा सकता है।

 बुध ग्रह- बुध ग्रह ख़राब होने से तुतलाहट, सूंघने की शक्ति क्षीण होना, दांतों का खराब होना, मित्र से संबंधों का बिगड़ना, नौकरी या व्यापार में नुकसान होना, व्यर्थ की बदनामी भी हो सकती है

बुध ग्रह की पीड़ा के निवारण के लिए-

अगर आप चाहते हैं कि आप पर बुध की कृपा दृष्टि बनी रहे तो आपको अपने स्‍नान के जल में अक्षत, जायफल, गाय का गोबर मिश्रित करके स्‍नान करना होगा।

गुरु- गुरु ग्रह कमजोर होने से श्वास रोग, वायु विकार, फेफड़ों में दर्द होता है, कब्ज, रक्त विकार, कानदर्द, पेट फूलना, जिगर में खराबी आदि रोग हो सकते हैं |

गुरु ग्रह की पीड़ा के निवारण के लिए-

सफेद सरसों, दमयंती, गूलर और चमेली के फूल मिलाकर स्‍नान करने से गुरु के दुष्‍प्रभावों को कम किया जा सकता है |

शुक्र ग्रह – शरीर में गाल, ठुड्डी और नसों से शुक्र का संबंध माना जाता है। शुक्र के कमजोर होने से लगातार अंगूठे में दर्द, त्वचा संबंधी रोग उत्पन्न होना, आँतों के रोग, गुर्दे में दर्द पांव में तकलीफ आदि रोग हो सकते हैं |

शुक्र ग्रह की पीड़ा के निवारण के लिए-

शुक्र को आपके वैवाहिक जीवन का कारक माना गया है। शुक्र के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए अपने स्‍नान के जल में जायफल, मैनसिल, केसर, इलाइची और मूली के बीज मिलाकर नहाना चाहिए |

शनि ग्रह – शनि का संबंध मुख्‍य रूप से दृष्टि, बाल, भौंह और कनपटी से होता है। शनि ग्रह के कमजोर होने से समय पूर्व आंखें कमजोर होने लगती हैं, कनपटी की नसों में दर्द बना रहता है, सिर के बाल समय पूर्व ही झड़ जाते हैं,  सांस लेने में तकलीफ होती है, हड्डियों की कमजोरी के कारण जोड़ों का दर्द पैदा हो जाता है, रक्त की कमी, पेट संबंधी रोग या पेट का फूलना, सिर की नसों में तनाव, अनावश्यक चिंता और घबराहट का बढ़ना आदि रोग हो सकते हैं |

शनि ग्रह की पीड़ा के निवारण के लिए-

शनि को न्‍याय के देवता का सम्‍मान प्राप्‍त है। यह व्‍यक्ति को उसके कर्म के अनुरूप परिणाम देते हैं। अत: हमको अपने कर्म तो दुरुस्‍त रखने ही चाहिए साथ ही कुछ विशेष चीजों को स्‍नान के जल में मिलाकर नहाने से आप शनि के दुष्‍प्रभावों से दूर रह सकते हैं। इन चीजों में सरसों, काले तिल, सौंफ, लोबान, सुरमा, काजल आदि शामिल हैं।

राहु- इस ग्रह के कमजोर होने से गैस की परेशानी, बाल झड़ना, पेट के रोग, बवासीर,पागलपन, निरंतर मानसिक तनाव, नाखूनों का टूटना आदि रोग हो सकते हैं |

राहु ग्रह की पीड़ा के निवारण के लिए-

इसके लिए आप स्‍नान औषधि के रूप में लोबान, कस्‍तूरी, गजदंत आदि सामग्री से मिश्रित जल से स्‍नान करके राहु की पीड़ा को दूर कर सकते हैं।

 केतु- इस ग्रह के कमजोर होने से  संतान उत्पति में रुकावट, सिर के बाल का झड़ना, शरीर की नसों में कमजोरी, चर्म रोग होना, कान खराब होना या सुनने की क्षमता कमजोर पड़ना, कान, रीढ़, घुटने आदि में समस्या होने लगती है |

केतु ग्रह की पीड़ा के निवारण के लिए-

लाल चंदन और छाग मूत्र मिश्रित जल से स्‍नान करके केतु के दुष्‍प्रभावों को ख़त्म किया जा सकता है |

 

Disclaimer- ख़बर पर संज्ञान लेने से पहले अपने स्वविवेक से निर्णय लें….

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