Breaking News
Home / top / देवी शक्ति से जेल में मची उथलपुथल, जेलर ने पंडा को रिहा कर माता के मंदिर पहुंचा

देवी शक्ति से जेल में मची उथलपुथल, जेलर ने पंडा को रिहा कर माता के मंदिर पहुंचा

N.I. / प्राची मिश्रा/सिहोरा/ चैत्र नवरात्रि का पर्व सभी के लिए विशेष भक्ति का होता है जिसमे लोग नौ दिन तक माता की पूजा अर्चना कर क्षमा मांगकर समृद्ध परीवारिक जीवन की मनोकामना मांगते हैं हम ऐसे माता के एक रहस्यमयी मन्दिर के बारे में बात कर रहे हैं जिसके पंडा को मन्दिर निर्माण के लिए सागौन की लकड़ी काटने के अपराध में जेल में बंद रखा गया था लेकिन नवरात्रि शुरू होते ही बैठकी के दिन से जेल के अंदर देवी शक्तियों से ही उथल पुथल शुरू हो गयी और मजबूरीवश जेलर ने माता के पंडा को रिहा करके खुद ही साथ लेकर माता के दरबार मे पहुंचा, जिसके बाद द्वतिया के दिन यहां जवारे बोए गया। जबकि यहां के बुजुर्ग लोग बताते है कि मंदिर के समय मूर्ति का आकार छोटा था लेकिन जैसे जैसे समय बीतता जा रहा है माता की मूर्ति के आकार की विशालता भी बढ़ती जा रही है।
सिहोरा से 25 किमी दूर सिलौंडी रोड में ग्राम पंचायत दशमन के महादेई माता का मंदिर स्थित है जिसकी इतिहासिक जानकारी मन्दिर की समिति के अध्यक्ष रमेश गर्ग एवं क्षेत्र के बुजुर्गों ने बताया कि करीब दो सौ वर्ष पहले अंग्रेजी हुकूमत के समय पर मन्दिर निर्माण के लिए माता के पंडा लल्लूराम ने सागौन की लकड़ी कटवा दी थी जिसके आरोप में पंडा को सिहोरा जेल में बंद रखा गया था, लेकिन चैत्र की नवरात्रि प्रारंभ होते ही बैठकी के दिन जेल में अचानक रात भर हलचल मची जिससे जेलर भी घबराकर पंडा को रिहा किया और माता के दरबार मे लेकर पहुंचा। जिसके बाद द्वतीया के दिन मन्दिर में चावल से जवारे बोए गए थे लेकिन माता ने पंडा को भाव आने के समय बोला था कि जिस दिन जवारे विसर्जित होंगे उस दिन माता पंडा को साथ लेकर जाएगी और नवमी के दिन जब जवारे विसर्जित हुए तो पंडा ने भी प्राण त्याग दिए जिसकी समाधि मन्दिर प्रांगण में ही बनी हुई है। जबकि आम तौर चावल से पौधा अंकुरित करना असंभव है लेकिन माता के चमत्कार से चावल से जवारे अंकुरित हुए थे।
★लगातार बढ़ रही प्रतिमा
माता के चमत्कार का प्रत्यक्ष रूप आज भी यह है कि महादेई माता मंदिर में जो माता की मूर्ति स्थापित है वह शुरू में करीब 5 फ़ीट की थीं, लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद मूर्ति का आकार बढ़ते हुए करीब 20 फ़ीट हो गया है जो अपने आप मे माता का विशाल रूप लोगों को दर्शन करने मिल रहा । इस मंदिर से सभी जानकर लोग बहुत ही आस्था रखते हैं और अपनी मनोकामना जैसे सन्तान प्राप्ति, धन, रोजगार, व्यवसाय की कामना करते हैं जिसे माता रानी पूरा करती है ऐसी आस्था सभी लोगो मे है।
★ऐसे पहुंचे मन्दिर
महादेई माता मंदिर जाने के लिए सिहोरा से दशरमन (सिलौंडि) महादेई जाना होगा जो सिहोरा से करीब 30 किमी दूर है। यहां तक पहुंचने के लिए बस का साधन उपयुक्त है जिससे इस स्थान पर आसानी से पहुंच सकते हैं यह स्थान कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील में स्थित है।

About News Investigation

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *